Giriraj Ji Ki Aarti (गिरिराज जी की आरती)

श्री गिरिराज जी की आरती – गोवर्धन पर्वत की महिमा
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श्री गिरिराज जी की आरती

गोवर्धन पर्वत की महिमा

🏔️ 🙏 🏔️
ॐ जय जय जय श्री गिरिराज,
स्वामी जय जय जय गिरिराज ।
संकट में तुम राखौ, निज भक्तन की लाज ॥
ॐ जय जय जय श्री गिरिराज…
🌸 ⛰️ 🌸
इन्द्रादिक सब देवा, तुम्हरौं ध्यान धरैं ।
ऋषि मुनिजन यश गावें, ते भवसिन्धु तरैं ॥
ॐ जय जय जय श्री गिरिराज…
🌺 🏔️ 🌺
सुन्दर रूप तुम्हारौ, श्याम सिला सोहें ।
वन उपवन लखि-लखि, के भक्तन मन मोहें ॥
ॐ जय जय जय श्री गिरिराज…
🌼 ⛰️ 🌼
मध्य मानसी गंगा, कलि के मल हरनी ।
तापै दीप जलावें, उतरें वैतरनी ॥
ॐ जय जय जय श्री गिरिराज…
🌻 🏔️ 🌻
नवल अप्सरा कुण्ड, सुहावन – पावन सुखकारी ।
बायें राधा – कुण्ड, नहावें महापाप हारी ॥
ॐ जय जय जय श्री गिरिराज…
🌸 ⛰️ 🌸
तुम्ही मुक्ति के दाता, कलियुग के स्वामी ।
दीनन के हो रक्षक, प्रभु अंतर्यामी ॥
ॐ जय जय जय श्री गिरिराज…
🌺 🏔️ 🌺
हम हैं शरण तुम्हारी, गिरिवर गिरधारी ।
देवकी नंदन कृपा करो, हे भक्तन हितकारी ॥
ॐ जय जय जय श्री गिरिराज…
🌼 ⛰️ 🌼
जो नर दे परिकम्मा पूजन पाठ करें ।
गावें नित्य आरती पुनि नहिं जनम धरें ॥
ॐ जय जय जय श्री गिरिराज…
🏔️ ॥ इति श्री गिरिराज आरती संपूर्णम् ॥ 🏔️

🙏 गिरिराज जी की जय 🙏
गोवर्धन गिरिधारी की जय

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