Durga Mata Ki Aarti (दुर्गा माता की आरती)

अम्बे माता की आरती – दुर्गा माता की आरती

दुर्गा माता की आरती

अम्बे माता की आरती – भक्ति और श्रद्धा का प्रतीक

जय अम्बे माता

अम्बे तू है जगदम्बे काली

माँ दुर्गा की आरती का पाठ करने से घर में सुख, समृद्धि और शांति आती है

1

अम्बे तू है जगदम्बे काली,
जय दुर्गे खप्पर वाली ।
तेरे ही गुण गाये भारती,

ओ मैया हम सब उतारें, तेरी आरती ॥

2

तेरे भक्त जनो पर,
भीर पडी है भारी।
दानव दल पर टूट पडो,
माँ करके सिंह सवारी ।
सौ-सौ सिंहो से बलशाली,
अष्ट भुजाओ वाली,
दुष्टो को पल मे संहारती ।

ओ मैया हम सब उतारें, तेरी आरती ॥

3

अम्बे तू है जगदम्बे काली,
जय दुर्गे खप्पर वाली ।
तेरे ही गुण गाये भारती,

ओ मैया हम सब उतारें, तेरी आरती ॥

4

माँ बेटे का है इस जग मे,
बडा ही निर्मल नाता ।
पूत – कपूत सुने है पर
ना माता सुनी कुमाता ॥
सब पे करूणा दर्शाने वाली,
अमृत बरसाने वाली,
दुखियो के दुखडे निवारती ।

ओ मैया हम सब उतारें, तेरी आरती ॥

5

अम्बे तू है जगदम्बे काली,
जय दुर्गे खप्पर वाली ।
तेरे ही गुण गाये भारती,

ओ मैया हम सब उतारें, तेरी आरती ॥

6

नही मांगते धन और दौलत,
न चांदी न सोना ।
हम तो मांगे माँ तेरे मन मे,
इक छोटा सा कोना ॥
सबकी बिगडी बनाने वाली,
लाज बचाने वाली,
सतियो के सत को सवांरती ।

ओ मैया हम सब उतारें, तेरी आरती ॥

7

अम्बे तू है जगदम्बे काली,
जय दुर्गे खप्पर वाली ।
तेरे ही गुण गाये भारती,

ओ मैया हम सब उतारें, तेरी आरती ॥

8

चरण शरण मे खडे तुम्हारी,
ले पूजा की थाली ।
वरद हस्त सर पर रख दो,
मॉ सकंट हरने वाली ।
मॉ भर दो भक्ति रस प्याली,
अष्ट भुजाओ वाली,
भक्तो के कारज तू ही सारती ।

ओ मैया हम सब उतारें, तेरी आरती ॥

9

अम्बे तू है जगदम्बे काली,
जय दुर्गे खप्पर वाली ।
तेरे ही गुण गाये भारती,

ओ मैया हम सब उतरें, तेरी आरती ॥

जय माता दी

माँ दुर्गा आपके जीवन में सुख, समृद्धि और शांति लाएँ

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *