Tulsi Maa ki Kahani | Jab Tulsi Mata Khud Brahman ki Beti Bani

Tulsi Maa Ki Kahani

कहानी

तुलसी माँ की कहानी

कहानी संक्षेप में

तुलसी माँ की कहानी में एक निःसंतान ब्राह्मण दंपति को नदी के पास पाँच वर्ष की एक कन्या मिलती है। वे उसका नाम तुलसी रखते हैं। बाद में कार्तिक सुदी एकादशी के दिन तुलसी का विवाह शालिग्राम के साथ होता है। तुलसी अपने माता-पिता से घर में तुलसी लगाने, उसकी पूजा-अर्चना करने और उसे सदा रखने के लिए कहती है, क्योंकि इससे मन की शान्ति और घर की शुद्धि होती है।

अध्याय १

आरम्भ

एक ब्राह्मण और ब्राह्मणी थे। उसके कोई संतान नहीं थी। ब्राह्मण रोजाना नदी में स्नान करने जाता और घर आकर पूजा पाठ करता।

अध्याय २

तुलसी का आगमन

एक दिन ब्राह्मण नदी पर गया, स्नान सन्ध्या करी, फिर जाने लगा तो पीछे से किसी ने आवाज दी । बाबा मैं भी आऊँ । उसने पीछे मुड़कर देखा तो कोई नहीं था। फिर से चला और आवाज फिर से आई। उसने कहा कोई दिखता क्यों नहीं है। फिर उसने कहा की कोई भूत प्रेत हो तो मत आना , और अगर कोई देव हो तो आ जाना। इतने में पांच वर्ष की कन्या आई और बोली , बाबा, मैं आपके घर आऊँ । ब्राह्मण ने उस बच्ची की उंगली पकड़ी और उसको घर ले आया। घर आने पर उसकी स्त्री बोली , यह बच्ची किसकी है ? तब वह बच्ची बोली मॉं मैं तेरी हूँ। तब ब्राह्मणी ने ब्राह्मण से पूछा की क्या बात है ? ब्राह्मण ने सारी बात कह दी। उन दोनों ने उस बच्ची को बेटी कहके पुकारा। तब ये दोनों पति-पत्नी बहुत खुश हुए और बोले की इसका नाम क्या रखें ? ब्राह्मण बोला – इसका नाम तुलसी रख देते हैं । यह हमारे आंगन की तुलसी है। अब तुलसी खेलने कूदने लगी। उसे दोनों माता-पिता बहुत प्यार करते थे।

अध्याय ३

विवाह और संदेश

वह बड़ी हुई तो शादी के योग्य हो गई । माता-पिता चिन्ता करने लगे तो तुलसी बोली , मेरी चिन्ता मत करना मुझे तो स्वयं भगवान श्री कृष्ण लेने आयेगें । तुम तैयारी करो। शादी का मुहूर्त निकाला कार्तिक सुदी एकादशी के दिन तुलसी की शालिग्राम के साथ शादी हुई और तुलसी जाने लगी। उसके माता-पिता रोने लगे। बेटी हम तुम्हें कहां लेने आयेगें । तुलसी ने कहा – माता-पिता मेरी चिन्ता मत करो। मेरा ससुराल द्वारका धाम है। आप जब याद करोगे तो मैं आ जाऊंगी । आप घर में तुलसी लगाना। उससे मन की शान्ति होती है, घर की शुद्धि होती है। आंगन की तुलसी की आप सदा पूजा – अर्चना करना । जय मॉं तुलसी।

प्रश्न और उत्तर

कहानी के आधार पर संक्षिप्त प्रश्नोत्तर

प्रश्न: ब्राह्मण को तुलसी कहाँ मिली?

उत्तर: नदी पर स्नान-संध्या करने के बाद, जब वह जाने लगा, तब पाँच वर्ष की कन्या उसके पास आई।

प्रश्न: ब्राह्मण और ब्राह्मणी ने बच्ची का नाम क्या रखा?

उत्तर: उन्होंने बच्ची का नाम तुलसी रखा।

प्रश्न: तुलसी का विवाह किसके साथ हुआ?

उत्तर: तुलसी का विवाह शालिग्राम के साथ हुआ।

प्रश्न: तुलसी का विवाह किस दिन हुआ?

उत्तर: तुलसी का विवाह कार्तिक सुदी एकादशी के दिन हुआ।

प्रश्न: तुलसी ने घर में तुलसी लगाने के क्या लाभ बताए?

उत्तर: तुलसी ने कहा कि इससे मन की शान्ति होती है और घर की शुद्धि होती है।

Vrat Katha Sangrah

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